• प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं किसान मेले का आयोजन

    भा.कृ.अनु.प.-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में आज दिनांक 24.02.19 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले के अवसर पर सर्वप्रथम माननीय प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात कही गयी जिसमें उन्होंने पुलवामा में शहीद हुए वीर सूपतों को श्रद्धांजली देते हुए नेशनल वार मेमोरियल देश को समर्पित किया जिसका लोकार्पण कल दिनांक 25.02.2019 को किया जायेगा। साथ ही उनके द्वारा बिरसा मुंडा एवं जमशेद टाटा जी को झारखंड ही नहीं अपितु देश के लिए एक वरदान बताया गया। तत्पश्चात प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि योजना का उद्घाटन बाबा गोराक्षनाथ की धरती गोरखपुर, उत्तर प्रदेश से किया गया जिसका जीवन्त प्रसारण किसानों हेतु इस संस्थान द्वारा किया गया। आजादी उपरान्त किसानों हेतु यह सबसे बड़ी योजना है जिसका लाभ देश के करीब 12 करोड़ सीमान्त एवं लघु स्तर के किसानों को मिलेगा। इस योजना के अन्तर्गत 1.01 करोड़ लाभार्थी किसानों के खातों में डिजिटल मोड द्वारा वार्षिक रू0 6000/- की सहायता सीधे चार-चार माह की तीन किश्तों में उपलब्ध करायी जायेगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा देश के विभिन्न भागों से आये किसानों को सम्मान पत्र प्रदान किये गये।

    किसान मेले के मुख्य अतिथि श्री अजय टम्टा, माननीय केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश में चल रही विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा, चम्पावत, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जिले के लगभग 2,67,000 किसानों को इस योजना के अन्तर्गत रू0 6000 की राशि का लाभ मिलने वाला है। अभी तक कुमांउ मण्डल में लगभग 23,149 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है जिसमें अल्मोड़ा जिले की सहभागिता सर्वोच्च है।

    विशिष्ट अतिथि श्री नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने संस्थान द्वारा पर्वतीय कृषि के विभिन्न पहलुओं पर किये जा रहे शोध कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास हेतु किसानों का आर्थिक रूप से मजबूत होना अत्यन्त आवश्यक है। अल्मोड़ा जिले में स्थित इस संस्थान एवं राज्य सरकार के विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इस जिले द्वारा कृषि क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने हेतु आह्वान किया।
     किसान मेले के अवसर पर संस्थान के निदेशक डा. अरूणव पट्टनायक ने समस्त आगन्तुकों का स्वागत करते हुए पर्वतीय कृषि के क्षेत्रों में संस्थान द्वारा चलायी जा रही विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। पर्वतीय कृषि की जटिलताओं के मध्य एवं बदलती हुए पर्यावरणीय संरचना में वर्तमान में पर्वतीय कृषि को आर्थिक तौर पर समृद्ध बनाने हेतु उन्नत तकनीकों का समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा उन्नत प्रजातियों की किस्मों का विकास, समेकित नाशी जीव प्रबन्धन के साथ-साथ कृषि प्रसार के क्षेत्र में निरन्तर कार्य किये जा रहे है जिनसे पर्वतीय कृषकों की आर्थिक स्थिति में उत्तरोत्तर सुधार हो सके एवं पर्वतीय कृषि एक टिकाऊ एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद में कृषि के उत्थान के लिए जिला प्रशासन, अनुसंधान संस्थानों एवं अन्य विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों के फलस्वरूप 2022 से पूर्व ही किसानों की आय दोगुनी करने में हम सफल होंगे।


    इस अवसर पर संस्थान द्वारा विकसित सब्जी मटर की प्रजाति विवेक मटर 15 का कृषकों हेतु लोकार्पण किया गया। संस्थान में आयोजित प्रदर्शनी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनेक संस्थानों एवं सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों द्वारा प्रतिभागिता की गयी एवं प्रदर्शनियाँ लगायी गयी। इस अवसर पर अल्मोड़ा जिले के मुख्य विकास अधिकारी, श्री मनुज गोयल, अध्यक्ष, सहकारिता बैंक, श्री ललित लटवाल, मुख्य कृषि अधिकारी, सुश्री प्रियंका सिंह एवं विभिन्न संस्थानों एवं विभागों के वैज्ञानिक एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे। मेले में उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों से 500 से अधिक कृषकों ने प्रतिभागिता की एवं विभिन्न फसलों एवं प्रदर्शनियों का भ्रमण किया। मेले में आयोजित कृषक गोष्ठी में पर्वतीय कृषि से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गयी साथ ही कृषकों की विभिन्न समस्याओं का कृषि वैज्ञानिकों द्वारा त्वरित समाधान किया गया।  किसान मेले में कृषक गोष्ठी का संचालन डा. निर्मल चन्द्रा, कार्यक्रम का संचालन डा. कुशाग्रा जोशी एवं धन्यवाद प्रस्ताव डा. लक्ष्मीकांत ने किया।