• नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), अल्मोड़ा की छमाही बैठक का आयोजन

    भाकृअनुप- विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में दिनांक 17.12.2020 को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), अल्मोड़ा की बैठक का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। इस बैठक में श्री अजय मलिक, उपनिदेशक (कार्यान्वयन), राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (उ.-2) गाजियाबाद मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक तथा नराकास के अध्यक्ष डा. लक्ष्मी कान्त द्वारा की गयी। इसके अतिरिक्त इस बैठक में अल्मोड़ा नगर के केन्द्रीय सरकार के विभागों, कार्यालयों, उपक्रमों, सशस्त्र बलों तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की । कार्यक्रम का आरम्भ भाकृअनुप गीत से हुआ। तदुपरान्त विभागाध्यक्ष, फसल उत्पादन डा. जे0के0 बिष्ट ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें इस बैठक में होने वाले विचार विमर्श एवं संस्थान की गतिविधियों एवं उपलब्धियों से अवगत कराया गया। तत्पश्चात सभी सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों द्वारा अपना परिचय दिया गया। इसके उपरान्त सदस्य सचिव श्री ललित मोहन तिवारी ने पिछली बैठक की समीक्षा एवं की गयी कार्यवाही सभी के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक के दौरान मुख्य अतिथि श्री मलिक ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अत्यन्त हर्ष का विषय है कि इस बैठक में लगभग सभी प्रतिनिधि अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने सभी को राजभाषा अधिनियमों की जानकारी देते हुए कहा कि हम भारत सरकार में सेवारत है अतः हमें राजभाषा अधिनियम के अन्तर्गत आने वाली सभी नियमों को अनुपालन करना चाहिए। उन्होंने पिछली बैठक के बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इस बार नराकास की वैबसाइट पर पिछली बैठक की तुलना में थोड़ी प्रगति हुयी है परन्तु यह अपेक्षित प्रगति नहीं है। उन्होंने राजभाषा हिन्दी आधारित विभिन्न ऐप व वेबसाइट की भी जानकारी दी। नराकास के अध्यक्ष एवं संस्थान के निदेशक डा. लक्ष्मीकान्त ने सभी नराकास के सदस्यों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सब का कत्र्तव्य हैं कि राजभाषा हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग किया जाय। श्री मलिक के भाषण हेतु उन्हें धन्यवाद देते हुए अध्यक्ष महोदय ने कहा कि आज की इस बैठक में श्री मलिक से बेहतर कोई विशेषज्ञ नहीं हो सकता था। साथ ही श्री मलिक द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करने से रिर्पोटिंग में सुधार आयेगा। धन्यवाद प्रस्ताव श्री ललित मोहन तिवारी द्वारा व्यक्त किया गया।