• भाकृअनुप-वि.प.कृ.अनु.संस्थान, अल्मोड़ा के कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर, बागेश्वर ने आयोजित किया द्विउददेशीय वी0 एल0 गेहूँ 829 की चारा कटाई पर प्रक्षेत्र दिवस एवं कृषक गोष्ठी

    भाकृअनुप-वि.प.कृ.अनु.संस्थान, अल्मोड़ा के कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर ने दिनांक 11.01.2021 को गरूड़ ब्लाक के कन्स्यारी गाँव में भाकृअनुप-वि.प.कृ.अनु.संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा विकसित गेहूँ की द्विउददेशीय वी0 एल0 गेहूँ  829 प्रजाति की चारा कटाई पर प्रक्षेत्र दिवस एवं कृषक गोष्ठी आयोजित कर कृषकों को जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषक गोष्ठी के साथ-साथ कृषकों को प्रर्दशन के माध्यम से वी0 एल0 गेहूँ 829 की चारा कटाई की सही तकनीक के विषय में भी बताया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रजाति के गेहूँ की खासियत यह है कि अक्तूबर के प्रथम पखवाड़े में बुवाई करने पर 70 से 90 दिनों में जमीन से 4-5 सेमी ऊपर से पौधा काटकर  चारा प्राप्त किया जा सकता है तथा दाने की भी अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। गेहूँ के पौधों के कुछ बड़े होने पर इन्हे एक बार चारे के लिये काटा जा सकता है तथा दूसरी बार आनाज के लिये काट सकेंगे इसका उपज में कोई खराब असर नहीं पड़ेगा। दिसम्बर व जनवरी के महीने में पर्वतीय क्षेत्र में हरे चारे की काफी कमी रहती है। ऐसे में यह प्रजाति किसानों के लिये बहुत ही लाभकारी है। इस अवसर पर 62 कृषकों ने प्रतिभाग कर लाभ प्राप्त किया।