• भाकृअनुप-बीज परियोजना के अन्तर्गत ’फसल बीजोत्पादन हेतु कृषकों का कौशल विकास‘ पर प्रशिक्षण

    भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र, हवालबाग में भाकृअनुप-बीज परियोजना के अन्तर्गत ’फसल बीजोत्पादन हेतु कृषकों का कौशल विकास’ विषय पर 28 फरवरी से 04 मार्च 2021 तक पाँच-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उधमसिंह नगर के नकुलिया गाँव से आये हुए 19 प्रशिक्षु कृषक, जिनमें 07 पुरूष एवं 12 कृषक महिलाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रबी फसलों में बीजोत्पादन की सामान्य विधियां कृषकों को बताई गई गई। कृषकों को संस्थान के प्रक्षेत्र फार्म में चल रही विभिन्न रबी फसलों के बीज उत्पादन को व्यवहारिक रुप से देखने का मौका मिला। फसलों में गेहूं, विभिन्न सब्जी फसलें जैसे की मटर, शिमला मिर्च, टमाटर इत्यादि, दलहनी फसलें व तिलहनी फसलों में बीज उत्पादन विधियों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां कृषकों को दी गई। इस प्रशिक्षण के दौरान बीजोत्पादन में इस्तेमाल होने वाली अभियांत्रिकी तथा मशीनरी से भी कृषकों को अवगत कराया गया।इस संबंध में उन्नत सस्य क्रियाऐं, बीज संसाधन की सामान्य विधियां एवं यांत्रिकी पर किसानों को न केवल व्याख्यानों की मदद से बताया गया अपितु इस संबंध में क्षेत्र में चल रही व्यवहारिक गतिविधियों से अवगत करवाने हेतु प्रक्षेत्र भ्रमण भी करवाया गया। सामान्य किसानी के अलावा आय बढ़ाने वाली उन्नत कृषि तकनीकें जैसे कि मशरूम उत्पादन, मौन पालन और बे-मौसमी सब्जी उत्पादन के बारे में भी किसानों को बताया गया।

                                                                                              

    बीज उत्पादन तथा भंडारण के दौरान होने वाले रोगों तथा कीटों के बारे में किसानों की विशेष रूचि होने के कारण ना केवल इन विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए अपितु संस्थान की रोगों/कीटों की रोकथाम के लिए बनाई गई उन्नत तकनीकों का भी कृषकों के मध्य प्रदर्शन किया गया। संबंधित विशेषज्ञों ने कृषकों की कई शंकाओं का निदान किया। कृषकों कों मिट्टी की जाँच व मिट्टी के नमूने लेने के तरीके सिखाये गए। इस प्रशिक्षण के दौरान बीज उत्पादन के क्षेत्र में किसानों के लिए संभावनाएं और होने वाले फायदों से कृषकों को अवगत कराया गया।  भाकृअनुप - विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा किसानों की सहभागिता से होने वाले प्रमाणित बीज का उत्पादन  सितारगंज और बैलपड़ाव के कुछ गाँवों में कर रहा है, अतः संस्थान के निदेशक डाॅ0 लक्ष्मी कान्त ने इस संबंध में प्रशिक्षु कृषकों को विभिन्न सहभागिता बीज कार्यक्रमों के फायदों से अवगत कराया तथा इन कार्यक्रमों से जुड़कर लाभ कमाने के लिए आव्हान किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने संस्थान द्वारा पर्वतीय कृषि को नयी ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिये किये गये महत्वपूर्ण शोध कार्यों की जानकारी विस्तारपूर्वक दी। कार्यक्रम के अन्त में कृषकों से प्रशिक्षण तथा उनकी समस्याओं के विषय में खुला विचार-विमर्श हुआ तथा कृषक की प्रतिक्रिया भी ली गयी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न करने वाले कृषकों को संस्थान के निदेशक द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। कृषकों को प्रशिक्षण से संबंधित प्रशिक्षण पुस्तिका भी प्रदान की गयी। कृषक दल का नेतृत्व कर रहे श्री रामभरोसे जी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को शिक्षाप्रद, सूचनात्मक व कृषकों के लिये बहुत उपयोगी बताया।कार्यक्रम का समन्वयन डाॅ0 रेनू जेठी, डाॅ0 नवीन चन्द्र गहत्याड़ी एवं डाॅ0 आशीष कुमार द्वारा किया गया।