• उगल उत्पादन हेतु दारमा घाटी के कृषकों का कौशल विकास

    भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के क्रम में कृषि विभाग पिथौरागढ़ द्वारा दारमा घाटी उगल प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रायोजित श्उगल उत्पादन हेतु दारमा घाटी के कृषकों का कौशल विकासश्  विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पिथौरागढ़ की दारमा घाटी के नौ गावों के 18 किसानों ने भाग लिया।  प्रशिक्षण के वर्चुअल उद्घाटन सत्र में भाग लेते हुए मुख्य कृषि अधिकारी पिथौरागढ़ ने बताया कि दारमा घाटी उगल प्रोत्साहन कार्यक्रम मुख्यमंत्री जी के निर्देश से चलाया जा रहा है, जिसके प्रथम चरण में इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित सभी 9 गांवों में प्रशिक्षण दिया गया तथा अगले चरण में किसानों को वैज्ञानिक खेती के तरीकों कि जानकारी हेतु इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक डा. लक्ष्मी कांत ने बताया कि संस्थान इस कार्यक्रम को सफल बनाते हुए किसानों के कौशल विकास हेतु अनवरत अपना योगदान देगा रहेगा।

     

    कार्यक्रम में संस्थान के डा. दिनेश जोशी ने उगल तथा रामदाना की वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी तथा डा. कुशाग्रा जोशी ने इन फसलों के विपणन में आने वाली समस्याओं के निदान के बारे में बताया। उगल के मूल्य संवर्धन पर चैधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के डा. गोपाल कटना के द्वारा जानकारी दी गयी। किसानों की  मांग पर संस्थान के वैज्ञानिक डा. निर्मल हेड़ाऊ तथा डा. के के मिश्रा द्वारा क्रमशः मटर की उत्पादन तकनीकी और मशरुम उत्पादन तकनीकी पर व्याख्यान दिया गया तथा आलू के रोगों के निदान के लिए केंद्रीय आलू अनुसन्धान संस्थान शिमला के डा. संजीव शर्मा द्वारा जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के निदेशक डा. लक्ष्मी कांत द्वारा किसानों को भरोसा दिलाया गया कि संस्थान द्वारा उन्हें यथासंभव बीज एवं अन्य कृषि निवेश उपलब्ध कराये जायेंगे। कार्यक्रम के बाद किसानों को संस्थान  द्वारा विकसित उगल की वी. एल. उगल 7 तथा सब्जी मटर की वी. एल. सब्जी मटर 13 तथा वी. एल. सब्जी मटर 15 का बीज उपलब्ध करवाया गया। सभी प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम को बेहद लाभदायक बताया। डा. बृज मोहन पांडेय तथा डा. दिनेश जोशी द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन किया गय