भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान, अल्मोड़ा में आजादी का अमृत महोत्सव के अंर्तगत “किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी” अभियान में पोषक अनाजों एवं जैव.सुदृढीकृत फसलों पर कृषक वैज्ञानिक संवाद

    भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंर्तगत दिनाँक 28 अप्रैल 2022 को “किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी” अभियान में “पोषक अनाजों एवं जैव.सुदृढीकृत फसलों पर कृषक वैज्ञानिक संवाद”  आयोजन किया गया। संस्थान के हवालबाग स्थित सभागार तथा देशभर के अन्य कृषि विज्ञान केन्द्रों पर उपस्थित किसानो एवं प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय सांसद अल्मोड़ा लोकसभा श्री अजय टम्टा जी थे, यद्यपि अंतिम क्षणों में किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्तता की वजह से वह कार्यक्रम में नहीं जुड़ पाये, किन्तु उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बी. एम. पाण्डेय ने फसल विविधिकरण द्वारा आय वृद्धि एवं जलवायु परिवर्तन के बारे में बताया। कार्यक्रम के अर्न्तगत प्रथम व्याख्यान डॉ. महेन्द्र सिंह भिण्डा द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने पोषक अनाज एवं क्षमतावान  फसलों के पोषण सुरक्षा की महत्ता के बारे में चर्चा की। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए मंडुआ, मदिरा, रामदाना एवं उगल जैसी फसलों के लिए संस्थान द्वारा विकसित उन्नत किस्मों एवं प्रसंस्करण के काम आने वाली मशीनों के बारे में जानकारी दी। 

     द्वितीय व्याख्यान डॉ. राजेश कुमार खुलबे, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने मानव शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों एवं इनकी कमी से होने वाले विकारों एवं व्याधियों के बारे में बताया तथा जैव सुदृढीकृत फसल प्रजातियों के इस्तेमाल से इन आवश्यक तत्वों की पूर्ति  के महत्त्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न संस्थानों द्वारा विकसित जैव सुदृढीकृत फसल प्रजातियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ लक्ष्मीकांत ने किसानों से परंपरागत फसलों की उन्नत किस्मों को अपनाने एवं कृषि कार्यों के लिए नवीन तकनीकों के प्रयोग द्वारा अपनी लागत कम करने एवं आय बढाने हेतु आवाहृन किया। व्यक्तिगत रूप  से भाग ले रहे कृषकों को उन्नत प्रजातियों के बीज तथा बी.पी.एल. कार्य धारकों कृषकों को लघु कृषि यंत्र भी वितरित किये गये। इस कार्यक्रम में 300 कृषकों सहित 385 लोगों ने भागेदारी की। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ महेन्द्र सिंह भिण्डा एवं ई. हितेश बिजारणिया ने किया।