• भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा एवं गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

    भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा एंव गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के बीच दिनांक 07.04.2021 पर समझौता ज्ञापन पर माननीय कुलपति, गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर डाॅ तेज प्रताप की उपस्थिति में संस्थान के निदेशक डाॅ. लक्ष्मी कांत एवं गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के अधिष्ठाता, स्नाकोत्तर महाविद्यालय डाॅ. किरन पी रावेरकर द्वारा हस्ताक्षर किये गये। इस अवसर पर भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के अनुभागाध्यक्ष/ विभागाध्यक्ष डाॅ. जे के बिष्ट, डाॅ. के के मिश्रा, डाॅ. बी एम पाण्डेय के साथ ही गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलसचिव तथा विश्वविद्यालय के समस्त महाविद्यालयों के अधिष्ठाता भी  उपस्थित रहे। इस करार के अन्तर्गत दोनों संस्थानों में विद्यमान प्रयोगशाला, प्रक्षेत्र, पुस्तकालय एवं सुविधाओं को दोनों संस्थान/विश्वविद्यालय के द्वारा उपयोग किया जाएंगा। साथ ही गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में एम.एस.सी. व पी.एच.डी. कर रहे विद्यार्थी कृषि एवं कृषि संबधित विषयों में शोध भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक ज्ञान व सूचना का आदान प्रदान भी दोनों संस्थानो के बीच होगा। दोनों संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को सम्बन्धित राज्य/हितधारकों तक दोनों संस्थान प्रसारित करेंगे। साथ ही इस समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान परियोजनाए बना सकेगे। दोनो संस्थान एक दूसरे की बीज साम्रगी उपयोग कर सकेगे लेकिन इसके लिए मूल स्त्रोत को पूरा श्रेय देना होगा। 

       

    दोनों संस्थान संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकियों को विकास कर सकते है। पर्वतीय क्षेत्रों हेतु महत्वपूर्ण तकनीकियो का आदान प्रदान तथा मूल्यवर्धित प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का प्रबन्धन व व्यावसायीकरण भी इस करार के अन्तर्गत शामिल है। साथ ही निदेशक, भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के परामर्श से संस्थान के वैज्ञानिक शोध अनुसंधान सदस्य/अनुसंधान सलाहकार समिति के अध्यक्ष/सह-अध्यक्ष के रूप में नामित किये जाएगे। इस करार से  उत्तराखण्ड में स्थित इन दोनों संस्थानो द्वारा विकसित तकनीको का लाभ मिलेगा तथा विश्वविद्यालय के एम एस सी/पीएचडी के विद्यार्थी अपने शोधकार्याें में भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के विशेषज्ञों की सहायता ले सकेगे।