• कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर में मधुमक्खी पालन विषय पर तीन दिवसीय ऑनलाइन कृषक प्रशिक्षण

    पर्वतीय क्षेत्रों में वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन विषय कृषकों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से भाकृअनुप - विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर ने राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के अन्र्तगत वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन विषय पर तीन दिवसीय ऑनलाइन कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दि0 15.04.2021 से 17.04.2021 तक किया गया। समग्रता के साथ आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न शोध, प्रशिक्षण एवं विकास संस्थानों के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करने के साथ- साथ केन्द्र एवं राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया। भाकृअनुप-वि0प0कृ0अनु0सं0, अल्मोड़ा के निदेशक डाॅ लक्ष्मी कान्त ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनायें देते हुये कहा कि मधुमक्खी पालन ऐसा व्यवसाय है जो हमारी पोषण, औषधीय, धार्मिक एवं आय आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन का कार्य भी करता है क्योंकि फसलों के परागण में मधुमक्खियों की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकि विश्वविद्यालय, पंतनगर के कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ0 प्रमोद कुमार मल्ल ने वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर विस्तृत जानकारी दी। भाकृअनुप-वि0प0कृ0अनु0सं0 के कीट वैज्ञानिक डाॅ0 अमित पासचपुर ने सम्पूर्ण वर्ष के दौरान मधुमक्खी के भोजन के प्रबन्धन विशय पर कृषकों को विस्तारपूर्वक बताया। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ डाॅ दीपक राय ने मधुमक्खी पालन से जुड़े कृषकों की सफलता गाथा प्रतिभागी कृषकों से साॅझा की एवं उनकी समस्याओं का समाधान भी किया। भाकृअनुप-वि0प0कृ0अनु0सं0 के सीनियर तकनीकी सहायक श्री जे पी गुप्ता ने पर्वतीय परिवेश में आधुनिक मौन जाला विषय पर कृषकों को विस्तार पूर्वक बताया। कार्यक्रम के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए भाकृअनुप-अटारी जोन-1 लुधियाना के प्रधान वैज्ञानिक डाॅ अरविन्द कुमार ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम कृषकों  के लिये काफी लाभदायक सिद्ध हो रहे हैं और कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर  इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। प्रशिक्षण में बागेश्वर व अन्य जिलों के कुल 35 कृषकों ने प्रतिभाग किया।