• भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन में उपलब्धियों के लिये राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित

    दिनांक 21-22 अप्रैल, 2021 को ऑनलाइन  माध्यम से आयोजित भाकृअनुप बीज परियोजना की 16वीं, अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना-राष्ट्रीय बीज परियोजना (फसलें) की 26वीं तथा जनक बीज की 24वीं वार्षिक समीक्षा की संयुक्त वार्षिक समूह बैठक में भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा को भाकृअनुप बीज परियोजना (भाकृअनुप संस्थान वर्ग) द्वारा वर्ष 2020-21 में गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन के क्षेत्र में सर्वात्तम प्रदर्शन के लिये सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रति वर्ष गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये प्रदान किया जाता है। भाकृअनुप-वि.प.कृ.अनु.सं, अल्मोड़ा, प्रचालन की दृष्टि से एक कठिन क्षेत्र में एक छोटा संस्थान होने के बावजूद अपनी सीमित भूमि एवं मानव संसाधन के साथ अपने अधिदेश क्षेत्र उत्तर पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्र के अतिरिक्त उत्तर पूर्वी पर्वतीय राज्यों की गुणवत्तायुक्त बीज की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में भी कार्य करता है। वर्ष 2019-20 में संस्थान द्वारा 15 फसलों की 41 किस्मों का कुल 173.77 कुन्तल प्रजनक बीज उत्पादित किया गया, जिसमें से 107.97 कुन्तल प्रजनक बीज विभिन्न बीज उत्पादन संस्थाओं को पुनः गुणनीकरण करने के लिए आर्पूत किया गया। बीजों में आनुवांशिक परिशुद्वता को बनाये रखने के लिए मानक विधियों को अनुपालन करते हुए विमोचित की गई 39 किस्मों का लगभग 12.98 कुन्तल नाभिकीय बीज भी उत्पादित किया गया। इसके अतिरिक्त, 16 फसलों की 25 प्रजातियों को लगभग 14.43 कुन्तल सत्यापित बीज का उत्पादित भी किया गया तथा विभिन्न साझेदारों को आपूर्त किया गया।संस्थान में सीमित भूमि संसाधन व संस्थान की प्रजातियों की निरंतर बढ़ती माँग के दृष्टिगत संस्थान द्वारा कृषक सहभागी बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत कृषक प्रक्षेत्रों पर भी बीज उत्पादित किया जाता है। इसके अंतर्गत वर्ष 2020-21 में कोरोनाकाल की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद गेहूँ, धान, मंडुवा, मसूर व गहत का 135.32 क्विंटल सत्यापित बीज उत्पादित किया गया, जिसकी विभिन्न साझेदारों (कृषक, कृषक समूह, एन.जी.ओ., कृषि विज्ञान केन्द्र, इत्यादि) को आपूर्ति की गई। इसके अतिरिक्त संस्थान द्वारा विभिन्न कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों व बीज उत्पादन प्रदर्शनों के माध्यम से कृषकों का गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन में कौशल विकास भी किया गया जिससे कृषक बीज उत्पादन को अतिरिक्त आय अर्जन हेतु एक सुलभ विकल्प के रूप में अपना सकें। इस अवसर पर सचिव, डेयर, केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एवं भाकृअनुप के महानिदेशक डा0 त्रिलोचन महापात्र ने सभी सम्मानित संस्थानों को बधाई देते हुये गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन के क्षेत्र में आगे भी उत्कृष्ट कार्य जारी रखने का आह्वान किया। संस्थान में उक्त परियोजना का क्रियान्वयन संस्थान के वैज्ञानिकों डा0 लक्ष्मी कान्त, डा0 राजेश खुल्बे एवं डा0 गणेश चौधरी द्वारा किया जा रहा है।