• हिन्दी पखवाडा समारोह का आयोजन

    भाकृअनुप- विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में दिनांक 30.09.2021 को हिन्दी पखवाडा समारोह का ऑनलाइन माध्यम से आयोजन किया गया। इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अधिष्ठाता, कला संकाय और हिंन्दी विभाग के अध्यक्ष (पूर्व आईसीसीआर चेयर (शंघाई) एवं विजिटिंग प्रोफेसर, लौजान विश्वविद्यालय, स्विट्जरलैंड) प्रो0 नवीन चन्द्र लोहनी मुख्य अतिथि एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय, परिसर, अल्मोड़ा की सेवानिवृत आचार्य, हिंन्दी विभाग प्रो0 दिवा भट्ट विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ0 लक्ष्मी कान्त द्वारा की गयी। कार्यक्रम का आरम्भ सरस्वती वंदना तथा भाकृअनुप गीत से हुआ। तदुपरान्त विभागाध्यक्ष, फसल उत्पादन डॉ0 जे0के0 बिष्ट ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की गतिविधियों एवं उपलब्धियों से अवगत कराया गया। तत्पश्चात् संस्थान के सहायक प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती राधिका आर्या ने संस्थान में चल रही हिन्दी की प्रगति पर जानकारी दी। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि प्रो0 नवीन चन्द्र लोहनी ने संस्थान के निदेशक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से इस संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी की। उन्होंने वैश्विक स्तर पर हिन्दी के प्रयोग व हिन्दी की वास्तविकता से रूबरू होते हुए हिन्दी के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव पर हिन्दी का मूल्यांकन करना हमारा कर्तव्य है तथा इसे शिक्षण व रोजगार में पूर्णतया अपनाया जाना आवश्यक है। वशिष्ट अतिथि प्रो0 दिवा भट्ट ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस समारोह का आयोजन आजादी का अमृत महोत्सव का ही एक अंग है। हिन्दी की विशेषता को बताते हुए उन्होंने कहा कि हिन्दी एक सर्वव्यापी एवं छतरी भाषा है जिसके अन्दर अनेक क्षेत्रीय भाषाऐं भी पनप रही है। यह क्षेत्रीय भाषाओं को समृद्ध करती है उन्होंने विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में हिन्दी को बढ़ावा देने में बल दिया और कहा कि अमृत महोत्सव के दौरान राजभाषा और राष्ट्रभाषा के रूप में हिन्दी को बढ़ावा देना चाहिए। तत्पश्चात् संस्थान में हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विश्ष्टि अतिथि द्वारा आभासी माध्यम से पुरूस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ0 लक्ष्मी कान्त ने सभी प्रतिभागियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य का विषय है कि आज इस अवसर पर हमें हिन्दी के दो पुराधाओं को सुनने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि भारत एक अनूठा देश है जहां हिन्दी सभी को एक सूत्र में पिरोती हैं। यहां दक्षिण भारतीय राज्य के लोग भी अच्छी हिन्दी बोलते है जो कि एक सुखद अनूभूति है। हालांकि शोध, कला, साहित्य में हिन्दी को इतना अपनाया नहीं गया है तथापि, यदि विज्ञान में जो भी तकनीकी शब्द आते है यदि उनका सरलीकरण हो जाये तो उन्हें अपनाने में वैज्ञानिकों को कोई हिचक नहीं होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर हिन्दी राष्ट्रभाषा के रूप में अपना ली जाये। इस कार्यक्रम में पूर्व निदेशक डॉ0 जे0सी0 भट्ट, पूर्व राजभाषा अधिकारी श्री टी0बी0 पाल, श्री एच0एल0 मीणा, अल्मोड़ा के नगर पालिका के अध्यक्ष श्री प्रकाश चन्द्र जोशी, उत्तर-पूर्वी हिमालीय क्षेत्रों के कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रमुख, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य कार्यालयों के प्रमुख तथा संस्थान के सभी कार्यकर्ता आनलाईन माध्यम से उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का सचालन डॉ0 रेनू जेठी तथा धन्यवाद प्रस्ताव श्री ललित मोहन तिवारी द्वारा ज्ञापित किया गया।