• अनुसूचित जाति उप-योजना  के अन्तर्गत  ‘संरक्षित वातावरण में उन्नत सब्जी उत्पादन’ पर कृषक प्रशिक्षण  

    भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र, हवालबाग में अनुसूचित जाति उप-योजना के अन्तर्गत ‘संरक्षित वातावरण में उन्नत सब्जी उत्पादन‘ विषय पर 20 से 24 दिसम्बर 2021 तक पाँच-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला बागेश्वर के लखनी गाँव से आये 26 कृषकों ने प्रशिक्षण सफलतापुर्वक प्राप्त किया। इस गाँव को संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना के अन्तर्गत अंगीकृत कर संस्थान द्वारा 30 पाली हाउस का निर्माण किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सब्जियों की संरक्षित खेती की वैज्ञानिक तकनीकियों से कृषकों को अवगत कराया गया। जिसमें वी. एल. पोरटेबल पाली हाउस एवं वी. एल. पाली टनल का निर्माण एवं रखरखाव, संरक्षित खेती में रोग नियन्त्रण, कीट प्रबन्धन, सूत्र कृमि का प्रबंधन पर संबंधित विशेषज्ञों ने प्रत्याक्षिक जानकारी दी। वर्षा जल संचयन, पॉलीटैंक बनाकर उसे सूक्ष्म सिंचाई (बूँद-बूँद सिंचाई) पद्धति द्वारा पॉलीहाउस से जोड़ने की जानकारी, सब्जियों के उन्नत पौध उगाने के विभिन्न पहलुओं जैसे-मृदा सौर्यीकरण, भूमि व बीज शोधन, खाद उर्वरक प्रबन्धन, क्यारी बनाने की विधियाँ, बीजों की बुवाई करने की नवीनतम तकनीकों, सब्जी उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली अभियांत्रिकी तथा मशीनरी पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सब्जियों की खेती के क्षेत्र में अग्रणी भगरतोला गाँव का एक दिवसीय भ्रमण भी कराया गया जहाँ प्रशिक्षु कृषकों ने संस्थान के सहयोग से संरक्षित खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों सें व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की। संस्थान के निदेशक डॉ0 लक्ष्मी कान्त ने कृषकों से संरक्षित कृषि में उन्नत एवं वैज्ञानिक विधि को अपनाकर अपनी आय तथा क्षेत्रों की उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन डॉ0 निर्मल हेडाऊ, डॉ0 रेनू जेठी, डॉ0 डा0 जितेन्द्र कुमार एवं ई० श्यामनाथ द्वारा किया गया।